वसुधा को दादी ले गई गांव,चंद्रिका वसुधा के लिए करने जा रही कठिन उपाय
वसुधा सीरियल में देव और वसुधा की शादी होने के बाद चंद्रिका ने वसुधा को अपनी बहू के रूप में नही माना था। सब को यही लग रहा था कि,चंद्रिका बहुत ही गुरूर वाली औरत है उसको अपने पैसे का इतना घंमड हो गया है कि,वो अपने से नीचे वालो को कुछ नही समझती है लेकिन सच्चाई तो हट कर निकली है। चंद्रिका तो कब का वसुधा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर चुकी है
lucknow
6:36 PM, Apr 7, 2026
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चंद्रिका ने वसुधा के लिए करने जा रही कठिन उपाय
उत्तर प्रदेश। वसुधा सीरियल में देव और वसुधा की शादी होने के बाद चंद्रिका ने वसुधा को अपनी बहू के रूप में नही माना था। सब को यही लग रहा था कि,चंद्रिका बहुत ही गुरूर वाली औरत है उसको अपने पैसे का इतना घंमड हो गया है कि,वो अपने से नीचे वालो को कुछ नही समझती है लेकिन सच्चाई तो हट कर निकली है। चंद्रिका तो कब का वसुधा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर चुकी है लेकिन वसुधा की कुंडली में लिखा है कि,अगर चंद्रिका ने उसे अपनी बहू के रूप में स्वीकार किया तो देव के पिता की मौत हो जाएगी। जिसकी वजह से चंद्रिका वसुधा को अपनी बहू स्वीकार करने के बाद भी उससे ऐसा व्यवहार करती है जैसे कि,वह वसुधा को बिल्कुल भी नही प्यार करती है।
दादी को वसुधा आई खूब पसंद
वसुधा और देव की शादी की सच्चाई चंद्रिका की सांस संतोष के सामने आ जाती है। जिसके बाद देव की दादी इन दोनो के रिश्तो को दिल से मंजूरी दे देती है और चंद्रिका से इन दोनो की शादी को मानने के लिए कहती है। मगर चंद्रिका झूठ बोलते हुए कहती है कि,वसुधा हमारे देव के लायक नही है। हम ने जैसी अपने देव के लिए पत्नी चाही थी,वो वसुधा नही है। जिस पर दादी ताना देते हुए बोलती है कि,इतिहास खुद को दोहराह रहा है एक वो दिन था,जब तूने मेरे बेटे के साथ मेरी मार्जी के विरोध जाकर शादी की थी और खुद को सही बताया था। मगर जब खुद के बेटे की बात आई,तो तू कैसे सही हुई। वो कहती है जो गलती मैंने की थी,वो तुम मत करो। क्योंकि,वसुधा जैसी बहू मिलना बहुत ही सौभग्य की बात होती है। लेकिन चंद्रिका नही मानती है। जिसके बाद दादी वसुधा को अपने साथ गांव लेकर चली जाती है।
चंद्रिका का रही कठिन उपाय
चंद्रिका को बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा होता है कि,वसुधा घर पर नही है और देव उसकी याद में दुखी है। इसीलिए वो देव से कहती है कि,तुम भी गांव जाकर वसुधा के साथ रहो जाकर,लेकिन देव कहता है कि,आपकी बहू मुझे कसम देकर गई है कि,मैं आपको और पूरे परिवार को कभी भी छोड़कर न आओ। जिसके बाद चंद्रिका और भी ज्यादा भावुक हो जाती है और वापस से अपने गुरू जी के पास जाती है और पूछती है कि,कोई तो उपाय होगा। जिससे वसुधा की कुंडली का दोष खत्म हो सके। फिर गुरूजी इस दोष को खत्म करने के लिए एक कठिन उपाय बताते है ताकि,चंद्रिका उसे पूरा करके वसुधा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर पाए।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर