LDA ने म्यूजियम का प्रवेश शुल्क किया कम,राष्ट्र प्रेरणा स्थल आने वालों के लिए राहत
लखनऊ वासियों और राष्ट्र प्रेरणा स्थल घूमने में वालों के लिए बहुत ही बडी खबर उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि,लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए म्यूजियम के टिकटों के दाम में कटौती कर दी है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के म्यूजियम शुल्क में कटौती से अब अधिक लोग भारत के महान नायकों के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे।
lucknow
12:39 PM, Feb 14, 2026
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photo by- google
उत्तर प्रदेश।लखनऊ वासियों और राष्ट्र प्रेरणा स्थल घूमने में वालों के लिए बहुत ही बडी खबर उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि,लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए म्यूजियम के टिकटों के दाम में कटौती कर दी है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के म्यूजियम शुल्क में कटौती से अब अधिक लोग भारत के महान नायकों के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे। लखनऊ विकास प्रधिकरण द्वारा लिया गया यह निर्णय इस प्रमुख स्थल की सुलभता बढ़ाएगा।
कितनी कीमत घटी
बताया जा रहा है कि,म्यूजियम प्रवेश शुल्क ₹50 से घटाकर ₹35 कर दिया गया है और इसमें कोई बदलाव नहीं है, यह ₹15 ही रहेगा।नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।65 एकड़ में फैले इस भव्य परिसर का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर (अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती) को किया था। यह स्थल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालजी टंडन और अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं और उनके जीवन दर्शन को समर्पित है। ऊपर पर्यटन के बढ़ते आकर्षणों में यह एक महत्वपूर्ण नाम बन गया है।
जनता का विश्वास फिर से हासिल करना का प्रयास
जनता में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चिंता रहती है। लखनऊ विकास प्रधिकरण ने इसे देखते हुए घटिया काम करने वाली कंपनियों को नोटिस दिया है और निर्माण की जांच रेलवे की संस्था 'राइट्सको सौंपी है, ताकि जनता का विश्वास फिर से हासिल किया जा सके। लखनऊ विकास प्रधिकरण ने हाल ही में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के म्यूज़ियम ब्लॉक की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग से वापस लेकर खुद ले ली है। जनता और जानकारों की नज़र इस बात पर है कि, लखनऊ विकास प्रधिकरण खुद इस बड़े प्रोजेक्ट के इंटीरियर और प्रस्तुति को कितनी कुशलता से संभाल पाता है।
सुविधाओं की मांग
लखनऊ के मौजूदा म्यूजियम्स (जैसे स्टेट म्यूजियम) को लेकर जनता की राय सकारात्मक है। लेकिन लोग बेहतर सुविधाओं, सफाई और ऐतिहासिक जानकारी के लिए डिजिटल माध्यमों (जैसे AI और 3D विजुअल्स) की मांग करते हैं।लखनऊ विकास प्रधिकरण के 'प्राधिकरण दिवस' और 'जनता अदालत' में लोग अक्सर अवैध निर्माण, कब्जों और योजनाओं में हो रही देरी को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराते हैं। म्यूजियम जैसे सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स के मामले में भी जनता पारदर्शिता और समय सीमा का पालन चाहती है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर