निर्माण के दौरान ही टूट गया नाला, भ्रष्टाचार की जांच को विधायक को पत्र
नगर पंचायत बख्शी का तालाब अंतर्गत वार्ड नंबर–8 तरहिया में चल रहे सीसी नाला निर्माण कार्य ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। निर्माण कार्य के दौरान ही नाले का कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो जाना न सिर्फ कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी को भी कटघरे में खड़ा कर रहा है।गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला है
लखनऊ
3:25 PM, Feb 3, 2026
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निर्माण के दौरान ही टूटा सीसी नाला फोटो सौ.bma7
उत्तर प्रदेश।लखनऊ। बख्शी का तालाब अंतर्गत वार्ड नंबर–8 तरहिया में चल रहे सीसी नाला निर्माण कार्य ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। निर्माण कार्य के दौरान ही नाले का कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो जाना न सिर्फ कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी को भी कटघरे में खड़ा कर रहा है।गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला भी भाजपा से हैं, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नाला निर्माण में सामने आई अनियमितताओं को लेकर भाजपा के ही मंडल अध्यक्ष संदीप यादव द्वारा विधायक को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार की जांच की मांग ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
भाजपा नेता ने उठाए सवाल, सपा अध्यक्ष वाली नगर पंचायत पर भ्रष्टाचार के आरोप
नाला निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए विधायक योगेश शुक्ला को लिखा गया पत्र फोटो सौ.bma7
भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप यादव ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसका नतीजा यह है कि काम पूरा होने से पहले ही नाला टूटने लगा है। उन्होंने इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बताते हुए निष्पक्ष तकनीकी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।इस पूरे मामले में नगर पंचायत प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। निर्माण कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी जहां नगर पंचायत अध्यक्ष पर बनती है, वहीं अधिशासी अधिकारी शैलेन्द्र पांडेय की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मानक विहीन बन रहा सीसी नाला का फोटो सौ.bma7
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि नाले की यही हालत रही तो बरसात में जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। लोगों ने मांग की है कि राजनीति से ऊपर उठकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह मामला अब भाजपा सरकार में पारदर्शिता बनाम सपा शासित नगर पंचायत की जवाबदेही का मुद्दा बनता जा रहा है। भाजपा नेता द्वारा अपनी ही सरकार में जांच की मांग को ज़ीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक स्तर से इस शिकायत पर कब और क्या कार्रवाई होती है, और क्या नाला निर्माण में हुई कथित धांधली की परतें खुल पाती हैं या नहीं।

लेखक के बारे में
राज प्रताप सिंह
वरिष्ठ संवाददाता