रोहतक के PGIMSमें 800 में से चार नंबर लाने पर उम्मीदवार का मेडिकल में सिलेक्शन
।रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएसस ) से जुडी एक शर्मनाक घटना सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि, NEET-PG 2025 की काउंसलिंग के दौरान पीजीआईएमएस रोहतक में एक उम्मीदवार को 800 में से मात्र 4 अंक लाने पर MS (ऑर्थोपेडिक्स) की सीट आवंटित की गई है।
rohtak
2:32 PM, Feb 14, 2026
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रोहतक के PGIMSमें 800 में से चार नंबर लाने पर उम्मीदवार का मेडिकल में सिलेक्शन by- bma7.in
उत्तर प्रदेश।रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएसस ) से जुडी एक शर्मनाक घटना सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि, NEET-PG 2025 की काउंसलिंग के दौरान पीजीआईएमएस रोहतक में एक उम्मीदवार को 800 में से मात्र 4 अंक लाने पर MS (ऑर्थोपेडिक्स) की सीट आवंटित की गई है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारी
बताया जा रहा है कि, यह आवंटन OBC-PwD (विकलांग) श्रेणी के तहत ऑल इंडिया कोटा के माध्यम से हुआ है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने काउंसलिंग के तीसरे दौर में खाली बची सीटों को भरने के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ को काफी कम कर दिया था।श्रेणियों के लिए कट-ऑफ को घटाकर 0 परसेंटाइल (यानी -40 अंक तक) कर दिया गया था। वही दूसरी ओर सामान्य श्रेणी के लिए इसे घटाकर 7 परसेंटाइल (लगभग 103 अंक) किया गया।
विरोध और स्पष्टीकरण —सुप्रीम कोर्ट
रोहतक के अलावा, दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में 44 अंकों पर गायनोकोलॉजी और तमिलनाडु के एक सरकारी कॉलेज में -12 अंकों (माइनस 12) पर फिजियोलॉजी की सीट भी आवंटित की गई है।चिकित्सा संगठनों जैसे एफएआईएमए और डॉक्टरों ने इसे "मेरिट की हत्या" और मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि, ये सीटें काउंसलिंग के अंतिम चरणों (स्ट्रे वैकेंसी राउंड) में आवंटित की जाती हैं जब कोई उच्च रैंक वाला उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होता, ताकि सीटें खाली न रहें। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर संज्ञान लेते हुए NBEMS से स्पष्टीकरण मांगा है कि, कट-ऑफ में इतनी भारी कटौती क्यों की गई।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर