बिहार के अररिया अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे ADM ने डॉक्टर को जड़ दिया थप्पड़
बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में जांच के दौरान एडीएम द्वारा डॉक्टर को थप्पड़ जड़ने का मामला काफी गरमा गया है। बताया जा रहा है कि,अररिया के डीएम विनोद दुहन के निर्देश पर जिले के नर्सिंग होम और जांच केंद्रों की सघन जांच के लिए 'धावा दल' बनाया गया था। इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को एडीएम सह उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. रामबाबू की टीम फारबिसगंज के रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल प
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1:11 PM, Feb 14, 2026
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बिहार के अररिया अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे ADM ने डॉक्टर को जड़ दिया थप्पड़ सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में जांच के दौरान एडीएम द्वारा डॉक्टर को थप्पड़ जड़ने का मामला काफी गरमा गया है। बताया जा रहा है कि,अररिया के डीएम विनोद दुहन के निर्देश पर जिले के नर्सिंग होम और जांच केंद्रों की सघन जांच के लिए 'धावा दल' बनाया गया था। इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को एडीएम सह उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. रामबाबू की टीम फारबिसगंज के रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंची।
विवाद की वजह जानिए
बताया जा रहा है कि, जांच के दौरान डॉक्टर के एप्रन न पहनने और नाम पूछने को लेकर बहस शुरू हुई। बहस इतनी बढ़ी कि,एडीएम ने अस्पताल संचालक डॉ. दीपक कुमार को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई।इस घटना से आक्रोशित होकर डॉक्टर के समर्थकों और अस्पताल कर्मियों ने एडीएम डॉ. रामबाबू और उनके साथ आए अन्य अधिकारियों (जिनमें पीएचसी प्रभारी और अंचलाधिकारी शामिल थे) को करीब आधे घंटे तक एक कमरे में बंधक बना लिया। बाद में स्थानीय पुलिस और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें मुक्त कराया।
प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल
इस दुर्व्यवहार के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और स्थानीय निजी डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। डॉक्टरों ने आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सूत्रो के अनुसार,इस 'थप्पड़ कांड' के विरोध में अररिया जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आईएमए ने भी इस घटना की निंदा की है और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को किया है।
जांच और कानूनी कार्रवाई
घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो चुका है, जिसमें हाथापाई साफ देखी जा सकती है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में आवेदन दिया है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की है।इस विवाद के कारण जिले में निजी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह ठप है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर