आवी ने देव पर चलाई गाली,वसुधा भगवान से मांग रही जान की भीख
। वसुधा और देव के बीच इतनी ज्यादा गलतफहमी हो गयी है कि,इन दोनो को कुछ समझ नही आ रहा है। जिसको लेकर दुश्मन इनकी दूरिंयो का फायदा उठा रहा है। वसुधा की मजबूरी जानने के लिए देव बहुत दिनो से कोशिश कर रहा था कि,वह वसुधा की मजबूरी जान सके और अपनी शादी को बचा सके। लेकिन जब करिशमा ने आवी से कहा कि,इन दोनो के साइन तलाक के पेपर पर होने चहिए। जिससे इन दोनो के बीच जो एक डोर है जिसकी वजह से इनका रिश्ता बचा हुआ
lucknow
4:01 PM, Feb 7, 2026
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photo by- google
उत्तर प्रदेश। वसुधा और देव के बीच इतनी ज्यादा गलतफहमी हो गयी है कि,इन दोनो को कुछ समझ नही आ रहा है। जिसको लेकर दुश्मन इनकी दूरियो का फायदा उठा रहा है। वसुधा की मजबूरी जानने के लिए देव बहुत दिनो से कोशिश कर रहा था कि,वह वसुधा की मजबूरी जान सके और अपनी शादी को बचा सके। लेकिन जब करिशमा ने आवी से कहा कि,इन दोनो के साइन तलाक के पेपर पर होने चहिए। जिससे इन दोनो के बीच जो एक डोर है जिसकी वजह से इनका रिश्ता बचा हुआ है। वह भी खत्म हो जाए। ऐसा होता भी है। देव ने वसुधा से सारे रिश्ते तौड दिए और उसके गले में पडा हुआ मंगल—सूत्र भी देव ने तोड दिया। जिससे वसुधा आवी पर बहुत गुस्सा हो जाती है। क्योकि,आवी ने धोखे से वसुधा के साइन करवाए थे और देव को लगा कि,वसुधा ने अपने मन से किया है। वसुधा ने आवी को बचाने के चक्कर में देव से कुछ भी नही कहा,लेकिन वह अंदर से बहुत ही ज्यादा टूटी हुई है।
आवी ने धोखे से कराए तलाक के कागज पर साइन
देव आवी के पीछे जा रहा होता है कि,आवी की ऐसी कौन — मजबूरी है। जिसकी वजह से वह इतना ज्यादा बदल गया है। आवी करिश्मा को वह तलाक के पेपर देने के लिए बुलाता और उसको गोली मारने की कोशिश करता है। आवी को यह बात मालूम नही होती है कि,देव भी वहां पर है और जब आवी करिश्मा को गोली मारने के लिए चलाता है। तब करिश्ता वही पर झुक जाती है और देव को गोली लग जाती है। आवी को लगता है कि,करिश्मा को गोली लगी है। वह मर गयी है। मगर ऐसरा नही होता है बल्कि गोली देव को लगी होती है। वह भी चंद्रिका की बंदूक से आवी ने गोली चलाई होती है। जिसको लेकर करिश्मा आवी से कहती है कि,तुम ने गोली अपनी मां की बंदूक से चलाई है। इसका मतलब है कि,तुम्हारी मां अब जेल जाएंगी। तब आवी करिश्मा से रोते हुए कहता है कि,पिलीज मेरे परिवार को छोड दो। लेकिन करिश्मा आवी की हालत का फायदा उठाते हुए उससे एक पेपर पर साइन करवा लेती हे। जिस पर साफ — साफ लिखा था कि, आवी ने ही देव पर गोली चलाई है। आवी मजबूरी में आकर साइन कर देता है।
देव की जान खतरे में
देव की हालत बहुत ही नाजुक होती है। जिसके लिए पूरा परिवार बहुत ही चिंता में डूबा होता है। वसुधा और चंद्रिका देव की जिंदगी के लिए भगवान से प्रार्थना कर रही होती है। लेकिन देव की हालत बहुत ही खराब हो जाती है। वसुधा देव की जान बचाने के लिए भगवान से लडने को भी तैयार हो जाती है। डाक्टरो का कहना होता है कि,पूरे परिवार को बुलाया जाए।क्योकि,देव की हालत बहुत ही खराब है अब इनको बचाना बहुत मुश्किल लग रहा है। जिस पर वसुधा कहती है देव को कुछ नही होगा। डाक्टर कहते है कि,अब देव को कोई चमत्कार ही बचा सकता है। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि,कैसे वसुधा अपने पति की जान के लिए भगवान से लडती है और जब सबको पता चलेगा कि,आवी के हाथो देव को गोली मारी गयी है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर